Saturday, 12 July 2014

गम और ख़ुशी

गम और ख़ुशी एक ही सिक्के के दो पहलू हैं 
गम आते ही ख़ुशी चली जाती है
ख़ुशी को ही बना मकसद जिंदगी का 
ख़ुशी को हर समय रख कायम 
फिर हिम्मत क्या है गम की 
जो खुश दिल व्यक्ति के दिल को घेरे 
                     कल्पना सिंह 

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