Tuesday, 15 July 2014


जिंदगी 

जिंदगी तो खूवसूरत है, पर उसे जीने का नजरिया चाहिए
रोते हैं सब दुःख में, पर दुःख में  कोई हसने बाला भी चाहिए
जिंदगी को मायूस मत समझ मेरे दोस्त,
 जिंदगी को जी ले तू फुर्सत से
कुछ ही लम्हे चाहे ख़ुशी के, तू जी ले इन्हे फुर्सत से
न बार-बार तू कह किसी से टाइम नहीं है  मेरे पास
टाइम तो तेरे पास तेरे खुद के लिए भी नहीं है
टाइम तो तुझे निकलना होगा
 किसी और के लिए ना सही अपने लिए
नहीं तो तू एक दिन अपनी ही पहचान भूल जायेगा
                           कल्पना सिंह

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