नई सुबह
निकल दर्द और गम से कोई और बा त कर
इस सुहानी सुबह को रोकर न बर्बाद कर
पोंछ दे आँखों से आँसू जिंदगी से मुलाकात कर
एक तारा टूट गया तो क्या आसमान में लांखो तारे है
दिल में हो अगर आरजू तो जीने के कई सहारे है
एक राह खो गई तो क्या मंजिले और भी मिल जाएंगी
दिल में हो अगर होंसला तो मुशकिले थम जाएंगी
दिल के गम से खुद को न यू बर्बाद कर
गुजरे कल की यादो से खुद को तू आजाद कर
ले खुदा का नाम और नई सुबह की शुरुआत कर
कल्पना सिंह
दिल के गम से खुद को न यू बर्बाद कर
गुजरे कल की यादो से खुद को तू आजाद कर
ले खुदा का नाम और नई सुबह की शुरुआत कर
कल्पना सिंह
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